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‘आदित्य पांड्या’ बने भारत के सबसे युवा एनालॉग अंतरिक्ष यात्री

‘आदित्य पांड्या’ बने भारत के सबसे युवा एनालॉग अंतरिक्ष यात्री


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2026-02-15 : हाल ही में, महज 17 वर्षीय आदित्य पंड्या ने आठ दिन तक चलने वाले एक सिम्युलेटेड लूनर हैबिटेट मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर भारत के सबसे युवा एनालॉग अंतरिक्ष यात्री बनने का गौरव हासिल किया है। आपकी बेहतर जानकारी के लिए बता दे की यह मिशन गुजरात के कच्छ स्थित धोलेवीरा के श्वेत मरुस्थलीय क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहाँ चंद्रमा जैसी भौगोलिक परिस्थितियों का अनुभव कराया गया है। पांड्या से पहले वर्ष 2022 में 19 वर्षीय जाह्नवी डांगेती पोलैंड के AATC में सबसे युवा एनालॉग अंतरिक्ष यात्री बनीं थी।

पांड्या ने एशिया इंग्लिश स्कूल से साइंस, मैथ्स और AI के साथ अपनी इंटरमीडिएट शिक्षा पूरी की। और उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से ‘जेनरेटिव AI’ में एक सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है। एवं इस समय वह गांधीनगर के इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड रिसर्च में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।

एनालॉग अंतरिक्ष यात्री कौन होते है?



एनालॉग अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर ही चंद्रमा या मंगल जैसे वातावरण का अनुकरण करके अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी करने वाले व्यक्ति होते हैं। ये सिमुलेटेड मिशनों में भाग लेते हैं ताकि अंतरिक्ष की चुनौतियों का परीक्षण हो सके।

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